बस में मिली चुत को लंड की भूख

सेक्सी लड़की की नंगी चुदाई की मैंने. वो मुझे बस के सफर में मिली थी. बस में ही मैंने उसके साथ काफी सेक्स कर लिया था. कैसे हुआ ये सब?

दोस्तो, ये सेक्स कहानी बस के सफर में मिली एक सेक्सी लड़की की नंगी चुदाई की कहानी है.

अन्तर्वासना सेक्स कहानी डॉट कॉम के सभी पाठकों को मेरा प्रणाम. अन्तर्वासना सेक्स कहानी पर यह मेरी पहली सेक्स कहानी है और यह मेरे साथ घटी हुई सच्ची सेक्स कहानी है, जो सन 2007 में घटी थी.

मेरा नाम अंजान है. मैं कोल्हापुर (महाराष्ट्र) का रहने वाला हूँ.
वैसे तो मैं मराठी में बात करता हूँ. पर यहां आप सबके के लिए हिंदी में लिख रहा हूँ.

मेरी ऊंचाई पांच फुट ग्यारह इंच की है. मेरा लंड एक औसत भारतीय की तरह साढ़े पांच इंच का है, जो किसी भी चूत और गांड को खुश करने के लिए काफी है.

मुझे चुदाई के साथ बुर और गांड चाटना भी बहुत पसंद है. मैं बॉडी मसाज भी अच्छे से करता हूँ.

ये सेक्स कहानी उस साल नवम्बर महीने की है. उस वक्त मेरी उम्र बीस साल थी. मैं एक मीटिंग के लिए कोल्हापुर से मुंबई जाने वाला था.

मैंने बस में सीट की कोई बुकिंग नहीं की थी. मैं रात के आठ बजे सी.बी.एस. पहुंचा.
दीवाली की छुट्टियां खत्म होने की वजह से मुंबई जाने के लिए बहुत भीड़ थी. मुझे बस में सीट नहीं मिली.

तब मैंने एस.टी. बस से जाने का सोचा. उस एस.टी. बस में भी बहुत भीड़ थी. मुझे बस में लास्ट से तीसरे नंबर की सीट मिली जो कि बस के पिछले टायर के ऊपर की थी.

मेरे बाजू में एक 24-25 साल की लड़की बैठी थी.
मुझे बाद में पता चला वो मुंबई में किसी कंपनी में इंजीनियर थी. उसका नाम मयूरी था. उसका गांव कोल्हापुर के पास ही था.

मैं बैठा था. मेरा बैग मेरे पास ही था क्योंकि ऊपर रखने के लिए जगह नहीं थी.

दस मिनट बाद बस चलना शुरू हुई. कंडक्टर आकर टिकट देकर गया.

एक घंटे बाद बस पेठ नाका के एक होटल में खाने के लिए रुकी. मैं नहीं उतरा क्योंकि मैं घर से खाना खाकर निकला था.
मयूरी भी नहीं उतरी थी.

थोड़ी देर बाद उसने मेरे बारे में पूछा. मैंने उसे अपने बारे में बताया और उसके बारे में भी जाना.
मुझे उससे बात करने में थोड़ा डर लग रहा था क्योंकि मैंने अब तक लड़कियों से ज्यादा बात नहीं की थी.

आधे घंटे बाद बस निकल पड़ी.

रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे थे. बस की सभी लाईट बंद थी.

मयूरी सो गयी थी पर मुझे नींद नहीं आ रही थी. मयूरी ने नींद में मेरे कंधे पर सिर रख दिया.
उसके इस स्पर्श से मेरे पूरे शरीर में एक लहर दौड़ गई थी.

कुछ देर बाद बस के झटके के कारण उसकी नींद में खलल हुई और वो सीधी होकर बैठ गई.
मगर दो तीन मिनट बाद ही वो फिर से मेरे कंधे से टिक गई.

इस बार फिर से झटका लगा तो वो मेरी गोद में सर रख कर सो गई. इस समय उसके गाल मेरे लंड पर थे, जिस कारण से मेरे लंड में सनसनी होने लगी और लंड ने फूलना शुरू कर दिया.

मेरा बैग भी मेरे पैरों के पास था, जिसे मैंने उठा कर कुछ ऐसा किया कि मेरा हाथ उस बैग के बगल से उसकी चूचियों पर आ सके.

मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा हो चुका था. मैंने धीरे से मेरा हाथ अपने बैग के ऊपर से मयूरी की चूची की तरफ बढ़ाया.

उसका मस्त रसीला एक दूध जैसे ही मेरे हाथ से टच हुआ तो आह एक मस्त सा अहसास हुआ.
कितना सुखद पल था वो … मैं ही बता नहीं सकता.
ये मेरे लिए पहली बार था.

कुछ मिनट तक वैसे ही हाथ रखने के बाद मैंने थोड़ा सा आगे बढ़ने का सोचा और अपनी उंगलियों से उसकी एक चूची को दबाने लगा.

मयूरी भी शायद जाग गयी थी लेकिन उसने मुझे नहीं रोका, बल्कि उसने अपना सर हिला कर मेरे लंड को अपने गाल से रगड़ दिया.

अब मुझसे नहीं रहा गया और मैंने बैग के नीचे से दूसरा हाथ उसकी बुर के ऊपर रखकर टच करने लगा.

वो भी मेरा साथ देने लगी. उसने खुद के ऊपर चादर ओढ़ ली और दोनों पैर खोल कर बैठ गयी.

मैंने उसकी लैगी और पैंटी को थोड़ा नीचे किया और अपनी उंगली को उसकी बुर में डाल दी.
थोड़ी देर चुत में उंगली को अन्दर बाहर करके महसूस किया कि उसकी बुर ने पानी छोड़ दिया था जिससे मेरी उंगलियों में उसकी चुत का रस लग गया था.

मैंने अपने कान में उसकी मस्त सीत्कार भी सुनी. मैंने भी फुसफुसा दिया कि बड़ी जल्दी छूट गई.

वो कुछ नहीं बोली. वो उठ कर बैठ गई और मेरी तरफ देखने लगी.

मैंने उसकी चुत से उंगलियां निकालीं और अपने मुँह में लेकर उसकी चुत का रस चाटने लगा.

वो हल्की से हंसी और बोली- कैसा टेस्ट लगा?
मैंने कहा- एकदम मस्त नमकीन मलाई जैसा.

वो मेरी तरफ देखने लगी तो मैंने उसके होंठों से होंठ लगा दिए और उसे भी उसकी चुत का स्वाद चटा दिया.

कुछ देर बाद मैंने एक उंगली पर थूक लगाकर धीरे से उसकी गांड के छेद में उंगली डाल दी.

उसकी सिसकारी नकल गई.
मगर कसमसा कर उसने मेरी उंगली को अपनी गांड में ले लिया.

थोड़ी देर लड़की की गांड में उंगली को अन्दर बाहर करने के बाद में बाहर निकाली और मुँह में लेकर चाटने लगा. मुझे बहुत अच्छा स्वाद लगा था, बहुत मजा आया.

अब मैंने उससे कहा- लंड चूस लो.

उसने भी मेरी पैंट के ऊपर से लंड को टटोला और चैन खोलने लगी.
मैंने अपनी पैंट के बटन खोल कर लंड बाहर निकाल दिया.

उसने हाथ से मेरे लौड़े को सहलाया और उसके सुपारे को लंड की चमड़ी से बाहर निकाल लिया; फिर अपने हाथ में थूक लेकर लंड को मुठियाना चालू कर दिया.
फिर उसने चादर को अपने ऊपर ओढ़ा और खुद अपने मुँह को मेरे लंड पर लाकर जीभ से लौड़े को चाटा.

मेरी सनसनी एकदम से बढ़ गई.

एक दो बार उसने लंड को चाटा, फिर मुँह में लेकर चूसने लगी.

गजब की चुसक्कड़ थी मेरा पूरा लंड गले तक लेकर चूस रही थी.

मैंने कुछ देर बाद उसके कान में कहा- रस निकलने वाला है.
तो उसने कहा- आने दो.

मैंने अब बिंदास लंड को उसके मुँह में चलने दिया. मेरा लंड उसके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरे लंड का रस पी गई. पूरे लौड़े को चाट कर साफ़ कर दिया.

फिर वो सीधी होकर नशीली आंखों से मुझे देखने लगी.
मैंने उसकी तरफ देखा और हम दोनों ने होंठ से होंठ मिला दिए.

चूंकि बस में भीड़ की वजह से वहां चुदाई नहीं की जा सकती थी. तब भी उस सफ़र में हम दोनों ने चुदाई का प्रोग्राम बना लिया था.

इसके बाद बाकी का सफ़र मैंने उसकी चुचियों को मसलते और अपने लंड को उसके हाथ से सहलवाते हुए ही पूरा किया.
कुछ ही देर के लिए हम दोनों सोये होंगे.

सुबह बस से उतरने के बाद वो मुझसे बोली- मेरे रूम पर चलो.
मैं भी गर्म था, तो उसके साथ चला गया.

हालांकि मुझे न जाने क्यों थोड़ा डर लग रहा था. क्योंकि ये मेरा पहला सहवास था.

जब मैंने उससे कहा कि ये मेरा पहली बार होगा, जब मैं किसी के साथ सेक्स करूंगा.
तो वो हंस बोली- चलो, आज मैं तुम्हारे सील तोड़ दूंगी.

मैं भी किसी लड़की की चुदाई के बेचैन हो गया था.

उसके कमरे पर हम दोनों सुबह के साढ़े सात बजे के करीब पहुंच गए थे.

वो उस रूम में अकेली थी क्योंकि उसकी रूम पार्टनर शाम को अपने गांव से वापस आने वाली थी. हम दोनों रूम में अकेले थे.

कमरे में आते ही उसने धीरे से मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे खींचा.

मैंने उसको अपनी बांहों में लिया. हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए और चूमाचाटी करने लगा.
धीरे धीरे हम दोनों नंगे हो गए.

मैं अपने सामने पहली बार एक नंगी लौंडिया देख रहा था.

उसके बड़े मस्त दूध थे एकदम तने हुए.
साली की गांड भी एकदम तोप सी उठी हुई थी.

मैंने एक हाथ उसके दूध पर रखा और दूसरा हाथ उसकी गांड पर रख कर दबाया.

वो मुस्कुरा रही थी.

उसकी इस मस्त मुस्कराहट को मैं आज तक नहीं भूला.

हमने पहले किस किया और मुँह में जीभ डालकर चूसने लगे.

सच में बहुत मजा आ रहा था.

फिर वो बोली- चलो अब दूध पियो.
मैंने कहा- दूध निकलता भी है?

वो बोली- अभी नहीं, लेकिन मजा दूध पीने का न आए तो कहना.
मैंने कहा- चलो देखता हूँ.

मैंने उसकी एक चूची को मुँह में भर लिया तो वो एक हाथ से अपनी चूची दबा दबा कर पिला रही थी. इसी तरह दूसरी को चूसा.

फिर वो बोली- चलो अब तुम्हें मीठे दूध का मजा देती हूँ.
मैं समझ नहीं पाया कि जब दूध निकलता ही नहीं है तो कैसे मीठे दूध का मजा मिलेगा.

उसने कमरे में रखे फ्रिज से एक कोल्डड्रिंक की कैन निकाली और मेरे मुँह में दूध देते हुए बोली- अब चूसो.

मैंने फिर से दूध चूसना शुरू किया तो उसने कोल्डड्रिंक की कैन को खोल कर अपने दूध पर गिराना शुरू कर दिया.

आह … अब उसके दूध से होते हुए कोल्डड्रिंक की धार मेरे मुँह में जा रही थी.
मुझे उसकी चूची से कोल्डड्रिंक पीने का बड़ा मजा आने लगा था.

उसने अपनी दोनों चूचियों को कोल्डड्रिंक से भिगो कर पिलाया.

फिर मैंने उस सेक्सी लड़की की आंखों में झांका, तो वासना से लिप्त उसकी आंखों ने मुझे चुत चाटने का इशारा किया.

मैंने दूसरी कैन निकाली और उसकी चुत पर कोल्डड्रिंक टपका कर चुत चूसने का इशारा किया.
वो राजी हो गई थी.

फिर उसे बिस्तर पर चित लेटा कर मैंने उसकी दोनों टांगें फैला दीं और उसकी सफाचट बुर पर कोल्डड्रिंक टपकाते हुए चुत चाटी.

बाद में मैंने उसकी टांगें ऊपर उठा दीं और उसकी गांड के छेद में जीभ लगा दी.
वो भी मस्ती से अपनी चुत गांड चटवाती रही और मैं चाटता रहा.

उसकी चुत गांड का बड़ा ही मस्त स्वाद था.

फिर उस सेक्सी लड़की ने भी मेरा लंड अच्छे से चूसा.

बाद में मुझे नीचे लेटाकर वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और मेरा लंड बुर में डालकर गांड उछालने लगी.
मैंने भी उसकी उछलती चूचियों को अपने हाथों में पकड़ कर खूब चूसा.

नीचे लंड चुत की लड़ाई चल रही थी और ऊपर मैं उसकी चूचियों का मलीदा बना रहा था.

बीस मिनट तक हमारी बुर लंड नंगी चुदाई चलती रही.
बाद में मैंने उसकी बुर और गांड फिर से चाटी.
बहुत मजा आया.
जिंदगी में पहली बार चुत चोदी थी.

फिर मैं फ्रेश होकर मेरे काम पर जाने लगा तो उसने मुझे वापस आकर वहीं रुकने को कहा.

मैंने पूछा- रात को तुम्हारी सहेली आ जाएगी.
वो बोली- हां तो क्या हुआ. उसे भी तो मर्द की भूख लगती है.

मैं समझ गया कि ये दोनों मर्दखोर हैं और नंगी चुदाई की शौकीन हैं.

रात में मैंने उसके साथ और उसकी रूम पार्टनर के साथ भी बहुत मजे किए.
वो सब मैं अगली सेक्स कहानी में बताउंगा.

आपको मेरी यह सेक्सी लड़की की नंगी चुदाई कहानी कैसी लगी, मुझे इसके बारे में जरूर बताना. मुझे आप लोगों के कमेंट्स का इन्तजार है.

ऐसी ही कुछ और गरमा गर्म कहानियाँ: