साले की टीनऐज बेटी की मस्त चुदाई

मेरी यह नयी कहानी एकदम से सच्ची है. मेरी यह खासियत रही है कि मैं किसी भी लड़की का विश्वास बहुत जल्द जीत लेता हूं. बस मौका मिलना चाहिए.

मेरी ससुराल में मेरे बड़े साले की एक बेटी है उसका नाम सोनम है. सोनम की 19 साल की उठती हुई जवानी, अमरूद जैसे कड़े चूचे, चलते समय उसके मस्त ठोस चूतड़ों को कोई देख भर ले, तो उसका कलेजा मुँह में न आ जाए, तो कहिएगा.

एक बार जब वो मेरे घर आई थी, तो लगभग एक महीना रही थी. तब तक मेरे मन में उसके प्रति कोई बुरा ख्याल नहीं था.

दोस्तो, चूंकि मेरा पेशा उस प्रकार का है कि मेरे फोन में रिकॉर्डिंग हमेशा ऑन रहती है. एक दिन जब मैं रिकॉर्डिंग चैक कर रहा था, तो उसमें एक लड़के और लड़की की बातचीत रिकॉर्ड मिली. उसे सुनते ही मैं जान गया कि यह बातचीत सोनम और किसी लड़के के बीच की है. वो बातचीत कुछ इस प्रकार से थी.

लड़का- जानू कभी तो समय निकालो.
लड़की- क्यों?
लड़का- सच्ची बोलूं?
लड़की- हां.
लड़का- मैं तुम्हें चोदना चाहता हूं.
लड़की- धत.

लड़का- हां यार, तुम हो ही इतनी मस्त कि तुम्हें देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है.
लड़की- क्या खड़ा हो जाता है?
लड़का- लंड … यार.
लड़की- ये क्या होता है?
लड़का- अरे … तुम ये भी नहीं जानती?
लड़की- नहीं यार.

लड़का- तुम्हारे पास लड़के को देने के लिए क्या है?
लड़की- क्या है?
लड़का- अभी कहां हो?
लड़की- घर पर.
लड़का- और कौन है?
लड़की- कोई नहीं.
लड़का- कमरे में जाओ.
लड़की- कमरे में ही हूँ.

लड़का- सलवार उतार कर कच्छी भी उतार दो.
लड़की- क्यों?
लड़का- मैं बताता हूँ तुम्हारे पास क्या है लड़के को देने के लिए.
लड़की- ठीक है उतार दी, अब बोलो.
लड़का- पेशाब वाली जगह को सहलाओ?
लड़की- हां … आह.
लड़का- क्या हुआ?
लड़की- पता नहीं … पर कुछ तो हुआ.
लड़का- उसे सहलाती रहो, धीरे से उंगली नीचे ले जाओ.
लड़की- हां … ले गई.
लड़का- वहां एक छेद है.
लड़की- हां.
लड़का- उसे रगड़ो.
लड़की- रगड़ रही हूँ.

थोड़ी देर के बाद..

लड़का- कैसा लग रहा है?
लड़की- मजा आ रहा है.
लड़का- आज रात में खूब रगड़ना, फिर कल बताना.
लड़की- ठीक है.

दूसरे दिन की रिकॉर्डिंग

लड़का- पेशाब की जगह रगड़ी थी.
लड़की- हां यार खूब रगड़ी, बड़ा मज़ा आया.
लड़का- फिर क्या हुआ?
लड़की- देर तक रगड़ती रही, फिर पता नहीं क्या हुआ … मेरे नीचे से सफेद सा कुछ निकला, फिर थकावट लगी और नींद आ गई. एक बात है?
लड़का- क्या?
लड़की- मेरी उंगली मेरे एक छेद में घुस गई. पहले तो दर्द हुआ, फिर अन्दर रगड़ने से बहुत मज़ा आया.
लड़का- अरे पगली तुम्हारी उंगली तुहारी बुर में घुस गई थी. वही बुर तो लड़कों के चोदने के काम आती है.

लड़की- कैसे?
लड़का- लड़के का जो लंड होता है ना … वो तुम्हारी बुर में डाल कर, उससे बुर को रगड़ा जाता है. अच्छा बताओ उंगली से मज़ा आया न?
लड़की- हां, खूब!
लड़का- वही तो … जब लंड बुर में घुसेगा, तो और मज़ा आएगा.
लड़की- सच में?
लड़का- हां … इसी लिए तो मैं मिलने के लिए कह रहा था. मिलोगी तभी तो चुदाई का मज़ा लोगी.

लड़की- चुदाई कैसे होती है?
लड़का- जब लड़का-लड़की नंगे हो कर, लड़की की बुर में लड़का लंड डालता है और आगे पीछे करता है, तो लड़का लड़की दोनों को बहुत मज़ा आता है. इसे ही चुदाई कहते है. एक बार मिलो तो?
लड़की- पर कहां?
लड़का- कल से पूजा पाठ शुरू होगा न?
लड़की- हां.
लड़की- तुम मत जाना, कोई बहाना बना लेना, जब सब चले जायेंगे तो फोन करना, ठीक!
लड़की- ओके.

अब मैं जान चुका था कि लड़की कल चुदेगी. उनके प्लान के अनुसार मैं भी बाहर चला गया. जैसे ही सोनम ने उसे फोन करके घर बुलाया और बाथरूम में चली गई … मैं कमरे में घुस कर छिप गया. तभी वो लड़का आया और वे दोनों कमरे में घुस गए.

लड़का- मज़ा लेना है?
लड़की- हां.

उसने सोनम को खींच कर चिपका लिया और होंठों को चूसने लगा. सोनम उसकी बांहों में कसमसा रही थी. वह होंठों को चूसते हुए अपना हाथ उसके एक चुचियों पर रख कर मसलने लगा. यह सब देख मेरा लंड भी खड़ा हो गया.

उसने कहा- मज़ा लेना है तो जल्दी से कपड़े उतारो.

सोनम अपने कपड़े उतार कर खड़ी हो गई. मैं देख कर मदहोश हो गया … क्या मस्त जवानी थी यार. मैंने सोच लिया था कि आज इसे एक बार चुदने देता हूं, फिर तो ये मेरी ही है.

मैंने फोन का कैमरा ऑन करके छोड़ रखा था. जब तक सोनम नंगी हुई, वह लड़का भी नंगा हो चुका था. अब वह उससे चिपक कर सोनम के एक दूध को पी रहा था, दूसरे को सहला रहा था. मचलती हुई सोनम मज़े ले रही थी.

तभी उस लड़के ने अपना लंड उसके हाथों में दे दिया.

सोनम- ये क्या है?
लड़का- यही तो है लंड.
सोनम- इतना लंबा और मोटा?
लड़का- लंड जितना लंबा और मोटा होता है … उतना ही लड़की को मज़ा आता है.
सोनम- मेरी छोटी सी बुर में ये नहीं घुसेगा. नहीं नहीं … मुझे नहीं चुदवाना.

वो पहली बार डरी दिख रही थी.

लड़का- ठीक है यार … नहीं मर्ज़ी तो छोड़ो. ऊपर ऊपर मज़ा लेते है ना.
सोनम- ठीक है.

लड़का उसे बिस्तर पर लेटा कर उसके बदन को चूमते हुए बुर सहलाते हुए होंठों को चूमते चूमते उसकी बुर में उंगली डाल कर मज़ा देने लगा. धीरे धीरे सोनम गर्म होती जा रही थी. उसके मुँह से आह उफ की आवाज़ आने लगी थी. उसकी बुर पानी छोड़ने लगी थी. जब उससे नहीं रहा गया, तो उसने कह ही दिया.

सोनम- अब पेल दो यार … क्यों तड़पा रहे हो.
लड़का- तुम्हारी बुर फट जाएगी.
सोनम- फटने दो … तुम बस लंड डाल दो.
लड़का- दर्द भी होगा.
सोनम- बहनचोद डाल न भोसड़ी के … मैं सब सह लूंगी.

लड़के ने सोनम के पैरों को कंधे पर रख कर लंड को बुर पर टिका दिया. फिर उसे दुहरा करते हुए उसके कंधों को पकड़ कर होंठों को चूसने लगा. उसने सोनम के होंठों को लॉक करते हुए एक जोर का धक्का दिया और लंड बुर में पेल दिया.

सोनम दर्द से तड़पने लगी. तभी उसने जोर का धक्का मार कर लंड बुर में घुसेड़ दिया. सोनम छूटने की कोशिश कर रही थी, पर छूट नहीं पा रही थी. लड़का उसकी चुदाई में लग गया. थोड़ी ही देर में सोनम भी मज़े ले लेकर गांड उठा कर चुद रही थी. तभी वह लड़का झड़ने को हुआ और उसने अपना माल उसकी बुर में गिरा दिया. लंड स्खलित करने के बाद वह उठने लगा, तो सोनम ने उसे पकड़ लिया.

सोनम- अभी और चोदो.
लड़का- अब नहीं चोद सकता.
सोनम- क्यों!
लड़का- मेरा माल झड़ गया है.
सोनम- मादरचोद केवल माल झाड़ने आया था भोसड़ी के …

लड़के को गाली देते हुए सोनम अपने दूध को मसल रही थी. वह लड़का वहां से भाग निकला.

अभी सोनम चुदने को मचल रही थी. मैंने अपने कपड़े उतारे और उसके नजदीक आ पहुंचा. वह चुदने के लिए अपनी दोनों चुचियों को मसल रही थी … उसी आंखें बंद थीं. मैंने उसके सीने से चिपकते हुए उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. उसकी जांघों को फैलाते हुए अपना लंड उसकी बुर में घुसाता चला गया.

लंड घुसते ही वह चिहुँक गई. उसे जोर का दर्द हुआ. फिर भी उसने आंखें नहीं खोलीं. मैं उसे जोर से चोदने लगा. उसने मुझे बांहों में ले कर कसके जकड़ लिया और बुर उछाल उछाल कर चुदवाने लगी. बड़ी मस्त बुर थी उसकी … आखिर अभी अभी मेरे सामने तो उसकी सील टूटी थी. लगभग आधे घंटे तक मैं उसे चोदता रहा वह आँखें बंद किए मुझसे चुदवाती रही. उसे अभी भी पता नहीं था कि वो किससे चुद रही है. वह बस टांगों को ऊपर कर के लंड खा रही थी.

चप चप की मधुर आवाज कमरे में गूंज रही थी. आह ओह उफ की आवाज उसके मुँह से निकल रही थी. तभी उसने मुझे जोर से जकड़ लिया और झड़ने लगी. थोड़ी देर वह पड़ी रही. मैं चोदता रहा. थोड़ी ही देर में वह ‘बस … बस … और नहीं..’ कहने लगी.

मैंने कहा- अभी नहीं सोनम, मुझे और चोदने दो … मेरा मन नहीं भरा अभी.

मैंने जैसे ही ये कहा. तभी वह मेरी आवाज सुन कर चौंक गई.

सोनम- अरे फूफा जी आप?
मैं- हां तुम चुदने को मचल रही थीं, तुम्हारा तड़पना देखा नहीं गया.
सोनम- लेकिन यह तो गलत है.
मैं- अभी उस लड़के से मादरचोद अभी तो गांड उठा कर चुदवा रही थी. अब क्या हुआ.

उसने कुछ नहीं कहा. वह धीरे धीरे फिर मस्त होने लगी ‘आंह चोदो फूफा जी … और चोदो जी भर के चोदो.’
वह फिर से मस्ती में आ गई थी.

‘ले रंडी..’ मैं घपाघप चोदने लगा. मैंने उसे उठा कर घोड़ी बना दिया और पीछे से एक ही झटके में पूरा 8 इंच का लंड घुसेड़ दिया.
‘ओ ओह मम्मी … मर गई..’
‘रंडी साली … मम्मी को भी चुदवायेगी क्या?’

मैं उसे चोदने में लगा रहा और वह मस्ती से चुदवाती रही. फिर मैंने उसे अपने गोद में ले लिया और उसे लंड पर झूला झुलाते हुए चोदने लगा. मैं उसे जोर जोर से चोदने में लगा था.

फिर कुछ समय बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए. उसकी बुर का पानी मेरे लंड को भिगोते हुए मेरी जांघों को भिगो रहा था. उसे लेकर मैं बिस्तर पर लेट गया और उससे चिपट कर सो गया. वह भी चिपक कर सो गई.

कोई तीस मिनट के बाद हम दोनों उठे.

मैंने पूछा- कैसा लगा?
सोनम- मज़ा आ गया.
मैं- कल इससे भी ज्यादा मज़ा दूँगा. अब किसी दूसरे से चुदने की जरूरत नहीं. हम पर कोई शक भी नहीं करेगा.
सोनम- ठीक है.
मैं- कल जब सब पूजा के लिए जाएंगे, तब फिर मज़ा दूँगा.

लेकिन दूसरे दिन ऐसा हुआ कि मेरी पत्नी को उसकी बहन के यहां उसकी डिलीवरी में जाना पड़ गया. शाम को खाना खाने के बाद हम दोनों बिस्तर में पहुंच गए. आज हमें पूरी आज़ादी थी. हमें रोकने वाला कोई नहीं था.

मैंने उसके कपड़े उतारे और अपने से चिपका कर मैं उसके होंठों को चूसने लगा. उसकी चुचियों को सहलाने लगा. एक हाथ से उसकी गर्म बुर को सहलाने लगा. उसने पैर को उठा कर मेरे हाथों को आज़ादी दे दी. उसे अलग खड़ा कर मैं उसकी एक चूची को चूसने लगा तथा दूसरे को मसलने लगा. वह मेरे सर को सहला रही थी.

थोड़ी देर में ही वह गर्म होने लगी. मैं उसके पेट नाभि को चूमते हुए उसकी बुर तक पहुंच गया. मैंने सोनम का एक पैर कंधों पर रखा और उसकी बुर पर मुँह रख कर चूसने लगा. उसके मुँह से ओ ओह की आवाज़ निकलने लगी. वह अपनी जांघों से मेरा सर दबाने लगी.

मैं चिकनी जांघों को सहलाते हुए बुर चूसने लगा. उसकी बुर से धीरे धीरे पानी निकलने लगा. मैं बिस्तर पर लेट गया. उसे मेरी तरफ बुर करके लेटने को कहा. फिर उसकी बुर को चूसते हुए लंड चूसने को कहा.

मस्ती से सराबोर सोनम लंड मुँह में लेकर आगे पीछे करते हुए चूसने लगी. मेरा लंड तन कर लोहे जैसा कड़ा हो गया. मैंने उसे पीछे से खींच कर अपने ऊपर ले लिया उसकी दोनों चुचियों को दबाते हुए उसकी गांड में लंड रगड़ने लगा.

“फूफा जी, अब चोदिये न!” आखिर जब उसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो सोनम ने कहा.

“बुर कुछ कह रही है क्या?”
“हां..”
“वह क्या मांग रही है?’”
“क्या मांग रही है … आपका सामान..”
“वो क्या होता है?”

मेरे लंड को पकड़ते हुए उसने कहा- इसे मांग रही है.
“क्या है ये?”
“मुझे नहीं मालूम..”
“बोलो न अब क्या शर्म.”
“लंड..”
“क्या करोगी इसका..?”
“बुर में लूंगी … फिर चुदूंगी.” ये कहते ही वह पलटी और मेरे लंड को बुर में फंसा कर जैसे ही बैठी, मैंने उसकी कमर को पकड़ कर एक झटके में पूरा लंड उसकी बुर में पेल दिया.

वह चीख पड़ी- धीरे कर मादरचोद.

मैं मस्त हो गया और नीचे से बुर चोदने में लग गया. वो भी उछल उछल कर मुझे चोदने लगी.

छपा छप बुर लंड का मिलन होने लगा.

वह मस्ती में मुझे चोदे जा रही थी. दस मिनट में ही वह थक गई. अब मेरी बारी थी. मैं उसे नीचे पटक कर चोदने लगा. चुदाई की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी.

“आह ओह उफ आह चोदो फाड़ दो बुर को पूरा लंड डालो … जोर से चोदो.”
“ले रंडी मादरचोद … तेरी मां की बुर चोदूं … आह तेरी बहन बुर में लवड़ा डालूं … साली कुतिया ले लो … पूरा लंड डाल दिया … खा बुर में कुतिया.”

मैं धकापेल चोदता गया. थकने के कारण थोड़ी देर के लिए हम दोनों रुके, फिर से चुदाई शुरू हो गई. हमारी चुदाई काफी देर तक चली. फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए.

इसके बाद उसे मैंने दो महीने रखा. खूब चुदाई हुई. मुझे नई टीनऐज गर्ल की बुर मिल गई. जब भी मौका मिला उसे खूब पेला. उसे भी जब भी मौका मिला, मेरा पूरा लंड खाकर मजा लिया.

अब तो वो चलते चलते भी लंड पकड़ लेती, मेरा गाल काट लेती, अपने से चिपका लेती और जब मौका मिलता चुदाई हो जाती है.

ये टीनऐज गर्ल की सेक्स कहानी कैसी लगी, अपनी राय जरूर भेजिएगा … धन्यवाद.

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