पड़ोस की मोटी आंटी की चुदाई

दोस्तो, मेरा नाम राज राव है. मेरी उम्र अभी 21 साल की है. मैं गुड़गांव में अकेला ही एक कमरे में रहता हूँ. वैसे मैं पंजाब का रहने वाला हूँ. मगर मैं यहां जॉब करता हूँ.

मैं सेक्स कहानी को दूसरी बार ही लिख रहा हूँ. मुझसे लिखने में निश्चित ही काफी गलतियां होंगी. प्लीज़ आप मेरी गलतियों को नजरअंदाज करते हुए सेक्स कहानी का मजा लें.

मेरी पिछली कहानी थी: हॉस्टल की सेक्सी लड़की की मस्त चुदाई

ये बात अभी कुछ 20 दिन पहले की ही. हुआ यूं कि मैं रोज शाम को छत पर टहलता हूँ. मेरे पड़ोस में एक मोटी आंटी जी रहती हैं. आंटी की उम्र कोई 42 साल की है. वो व्यवहार में बहुत अच्छी हैं. आंटी की एक जवान लड़की भी है, जो अभी 20 साल की है. वो तो एक नंबर की कांटा माल है.

मैं रोज शाम को छत पर जाता था, तो उसी समय आंटी का भी अपनी छत पर टहलना होता था. मैं आंटी के साथ में कभी कभी बात कर लेता था. वो मुझसे बड़े स्नेह से बोलती थीं, तो मुझे उनसे बात करने में काफी अच्छा लगता था. इसी वजह से हम दोनों काफ़ी घुल-मिल गए थे.

आंटी के पति की 4 साल पहले मृत्यु हो गई थी. तब से आंटी और उनकी लड़की घर में रहते थे. आंटी का बड़ा बेटा देहरादून में जॉब करता था.

एक दिन मैं आंटी से यूं ही इधर उधर की बात कर रहा था. आंटी अपनी जिन्दगी के बारे में बात करते करते कुछ ज्यादा ही भावुक हो गईं और वे रोने लगीं.

मैंने कहा- आंटी आप प्लीज़ रोइए मत.
आंटी- बेटा मैं एकदम अकेली हूँ इसलिए मेरा मन नहीं लगता है.
मैंने कहा- मैं तो हूँ आंटी … आप बोलो न आपको किस बात की कमी है. सब कुछ तो है.
लेकिन आंटी बोलीं- तेरे अंकल बहुत अच्छे थे … मुझे बहुत खुश रखते थे. मुझे उनकी बड़ी याद आती है. भले किसी बात की कमी न हो, लेकिन पति की जरूरत भला कौन पूरी कर सकता है.

मैं आंटी की बात का मर्म समझ रहा था कि आंटी को जिस्मानी भूख सताती है. मगर मैं कुछ नहीं बोला.

कुछ देर बाद मैं अपने कमरे में आ गया. एक घंटे बाद मैं खाना ख़ाकर फिर से छत पर चला गया और टहलने लगा.

आज गर्मी ज्यादा होने और बिजली न आने की वजह से आंटी भी छत पर ही सो रही थीं. उनकी लड़की भी उन्हीं के साथ सोने आने वाली थी क्योंकि आंटी ने उसे ऊपर ही आने की आवाज दी थी.

मैं छत पर एक तरफ पट्टी पर बैठ गया और फेसबुक चलाने लगा.

मेरे सामने आंटी अपनी छत पर फोल्डिंग पलंग पर लेटी थीं. उन्होंने मुझे नहीं देखा था.

पता नहीं क्यों आज मुझे आंटी को छिप कर देखने का मन कर रहा था. मैंने उनसे कुछ भी बात नहीं की बस यूं ही अपनी छत पर मोबाइल चलाता रहा.

तभी मैंने देखा कि आंटी ने कुछ देर बाद अपनी नाइटी ऊपर उठा ली थी और वे मोबाइल में कुछ देख रही थीं.

मैंने सोचा आंटी अपनी वासना के चलते कुछ न्यूड पोर्न या सेक्स कहानी वगैरह देख रही होंगी. मैं भी आंटी को देखता रहा.

कुछ देर बाद आंटी ने अपनी नाइटी और ऊपर कर ली. फिर मुझे उनकी गांड हिलती सी दिखने लगी थी.

मैंने फेसबुक बंद कर ली और चुपके से आगे आकर आंटी को देखने लगा.

मैंने थोड़ा ध्यान से देखा तो पाया कि आंटी सेक्स मूवी देख रही थीं. वे अपने एक हाथ से अपनी चुत को भी सहला रही थीं.

मैं अपनी छत से उतर कर चुपके से उनके पीछे चला गया और आंटी को पीछे से देखने लगा.

इधर से सब कुछ साफ़ दिख रहा था. आंटी अपनी चुत को अपनी दो उंगलियों से रगड़ रही थीं. फिर मैं थोड़ा और आगे बढ़ा और चुपचाप देखता रहा.

तभी मुझे नीचे से किसी के ऊपर आने की आवाज आई, तो मैं झट से पीछे होकर सीढ़ी के नीचे छिप गया. आंटी ने भी उस आवाज को सुन लिया था. उन्होंने भी अपनी नाइटी को ठीक कर लिया.

उनकी लड़की मीनू ऊपर आ गई थी. उसने कहा- मॉम मैं आज थोड़ी बिज़ी हूँ … स्टडी के बाद छत पर आती हूँ. मुझे बारह बज जाएंगे. आप सो जाना.
आंटी बोलीं- ओके बेटा.

मीनू नीचे चली गई.

उसके जाते ही आंटी ने अपनी नाइटी फिर से ऊपर कर ली और फिर से सेक्स मूवी देखने लगीं.

मैं अब तक हैरान हो गया था कि आंटी क्या कर रही हैं.

मेरा लंड भी किसी लोहे की रॉड की तरह कड़क हो गया था. मुझे आज आंटी में एक चोदने लायक माल दिखने लगा था.

आंटी का फिगर कुछ इस तरह से था. उनके 38 इंच के मम्मे थे. 32 इंच की कमर थी और 40 इंच की मोटी गांड थी.

आंटी ने अपनी नाइटी पूरी तरह से ऊपर कर ली थी.

मैं हिम्मत की और आगे आ गया. फिर पीछे से मैं आंटी से बोला- आंटी, आप ये क्या कर रही हो?
मेरी आवाज सुनकर आंटी एकदम से घबरा गईं और शर्म से लाल हो गईं.

मैं उनकी चूचियों को देख रहा था. आंटी मेरे सामने चुपचाप बैठी रहीं.
मैंने आंटी का मोबाइल ले लिया. उसमें एक सनी लियोनी की चुदाई की फिल्म चल रही थी.

मैंने मोबाइल बंद किया और बोला- आंटी.
आंटी मेरी बात पूरी होने से पहले ही बोलीं- राज … प्लीज़.
मैं चुप हो गया.

थोड़ी देर आंटी अपनी नाइटी नीचे करने लगीं.
मैं बोला- आंटी ये सब क्यों?
आंटी बोलीं- राज मैं क्या करूं … मुझे कुछ समझ में ही नहीं आता है.

मैं धीरे दे बोला- आंटी क्या मैं आपकी कुछ हेल्प करूं?
मेरी बात सुनकर आंटी चुप रहीं.
मैं उठ कर जाने लगा.

आंटी बोलीं- राज तुम मीनू को तो कुछ नहीं बताओगे न!
मैं बोला- मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा.
आंटी बोलीं- तो ठीक है … आ जाओ.

मगर मैं आंटी को छूने से डर सा रहा था.

आंटी बोलीं- राज क्या हुआ?
मैं बोला- आंटी, मैंने पहले कभी नहीं किया है.
आंटी मुस्कुरा कर बोलीं- ओके बेटा मैं सब सिखा दूँगी.

आंटी इस समय वासना की आग में गर्म थीं. वो बोलीं- आगे आओ राज … मेरे बूब्स दबाओ.

उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खींचा, तो मैं आंटी पर टूट सा पड़ा.

आंटी मुझे अपनी बांहों में लिए किस करती रहीं. मैंने भी उन्हें खूब चूमा.

फिर मैं बोला- आंटी आप नाइटी उतार दो.

आंटी ने फट से अपनी नाइटी उतार दी. वो नंगी हो गईं. उन्होंने अन्दर कुछ नहीं डाला था. आंटी को एकदम नंगा देख कर मेरा लंड भी फनफनाने लगा.

मैं आंटी के मम्मों को चूसता दबाता रहा. आंटी बहुत मजे में आ गई थीं.

वे बोलीं- राज मैं आज 4 साल बाद सेक्स कर रही हूँ … मैं बहुत खुश हूँ.
ये कहते हुए उन्होंने मेरा निक्कर और टी-शर्ट उतार दिया. अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था.

आंटी ने चड्डी के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ा और बोलीं- आह … तेरा तो बड़ा मस्त लंड है.
मैंने उनके मुँह से लंड शब्द सुना तो मैं भी उत्तेजित हो गया.

फिर आंटी ने मेरा लंड अंडरवियर से बाहर निकाला और लंड हिलाने लगीं.

मैंने चड्डी को पूरा उतार दिया. अब हम दोनों पूरे नंगे हो गए थे. मैं एक हाथ से आंटी की चुत सहला रहा था … दूसरे हाथ से उनके एक मम्मे को सहला रहा था. आंटी मेरे लंड को अपनी नाक से सूंघ रही थीं और मस्त आवाजें निकाल रही थीं.

फिर मैंने बोला- आंटी लंड चूसो न!
आंटी ने लंड चूसना शुरू कर दिया.

मैं मस्त हो गया. कुछ देर बाद मैं बोला- आंटी 69 करते हैं.
आंटी बोलीं- तेरी जो मर्ज़ी है … कर ले.

फिर हम दोनों ने 69 में सकिंग शुरू कर दी. कुछ ही मिनट बाद आंटी गांड हिलाते हुए बोलीं- राज मैं तेरा लंड पी जाऊंगी.

मैं हंसने लगा और बोला- हां आंटी, मेरी मलाई पी जाओ.

आंटी मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसती रहीं. मैं बोला- आंटी, मेरा रस निकलने वाला है.

आंटी ने लंड बाहर निकाल दिया और उसे हाथ से हिलाने लगीं. एक दो झटके के बाद मेरा लंड रस निकल गया.

आंटी हंस कर बोलीं- तू तो पूरा मर्द हो गया है … इतना गाढ़ा माल निकल रहा है.

मैं भी हंसने लगा और आंटी को ज़ोर से अपनी बांहों में खीच कर उन्हें किस करने लगा.

आंटी ने मेरे मुँह में एक दूध दिया और बोलीं- ले दूध चूस ले.

मैं आंटी के मम्मों को चूसने लगा. साथ ही आंटी की चुत में उंगली करने लगा.

कुछ देर में आंटी भी झड़ गईं. उनकी चुत से भी बहुत सारा रस निकला.

कुछ देर हम दोनों यूं ही पड़े रहे.

आंटी इस बीच मुझको किस करती रहीं. मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से सहलाती रहीं.

कुछ ही देर में मेरा लंड खड़ा हो गया.

लंड खड़ा होने के बाद आंटी बोलीं- राज तू अब जल्दी से अपना लौड़ा मेरी चुत में डाल दे … मैं तड़प रही हूँ. अपनी मोटी आंटी की चुदाई कर दे.

मैंने बोला- आंटी कंडोम तो है ही नहीं.
आंटी बोलीं- राज तू बिना कंडोम के ही मेरी चुत में लंड पेल दे … मेरी चुत में चार साल से आग लगी है.

मैंने भी उनकी बात को समझते हुए उनकी चुत खोली और चुत की फांकों में लंड लगा दिया. पहले तो मैंने लंड को चुत पर रगड़ा. आंटी ने भी अपने हाथ से लंड पकड़ कर अपनी चुत में सैट किया.
मैं धीरे धीरे से लंड डालने लगा.

आंटी ‘आआआह … ह्म्म्म्म ..’ करने लगीं. मैंने लंड का सुपारा चुत की फांकों में फंसा दिया था. आंटी को लंड से मजा आ रहा था. फिर मैंने एक झटका मारा, तो आंटी की मां चुद गई.

वो कराह कर बोलीं- आआहह … आराम से … मर गई … तेरा बहुत मोटा है.

मैंने लंड निकाला और फिर से चुत में डालने लगा. इस बार मेरा आधा लंड आंटी की चुत में घुस गया था. आंटी दर्द से कराह रही थीं. चार साल से चुदाई न करने के कारण उनकी चुत टाईट हो गई थी.

फिर मैंने एक और तेज झटका मारा, तो दो इंच लंड और अन्दर घुसता चला गया.
आंटी- आआह उई एयाया राज … तू आराम से कर ना … मुझे लग रही है … आह.

मैं रुक गया और धीरे धीरे कमर हिलाने लगा. आंटी चुप हो गई थीं. ये देख आकर एक मिनट बाद मैं एक और ज़ोर का झटका दे मारा. इस बार मेरा पूरा साढ़े छह इंच का लंड आंटी की चुत में घुस गया.

आंटी- आआआह … मा गई एयाया रूको राज.
मैं रुक गया और धीरे धीरे हिलने लगा.

कुछ पल बाद आंटी बोलीं- वाह … राज तू तो अब शादी कर ले … तू पूरा चोदू हो गया है.
मैं बोला- ओके आंटी, लड़की ढूँढ लो.
आंटी हंस दीं.

मैं आगे पीछे करके लंड को चुत में अन्दर तक पेलने लगा. मुझे बहुत मस्त मजा आ रहा था. आंटी को भी मजा आ रहा था.

कुछ मिनट बाद आंटी झड़ गईं.
मैं तब भी मोटी आंटी की चुदाई करता रहा.

आंटी बोलीं- आआह … बस कर राज बस कर.

मैं रुका ही नहीं और ज़ोरों से आंटी को तेज गति से चोदता रहा.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड रस आंटी की चुत में ही निकाल दिया और आंटी के ऊपर ही ढेर हो गया.

कुछ देर बाद मैं फिर से गर्म हो गया. मैं बोला- आंटी अब मुझे डॉगी स्टाइल में सेक्स करना है.
आंटी डॉगी स्टाइल में हो गईं. मैंने पीछे से आंटी की चुत में लंड पेल दिया और उन्हें चोदने लगा.

आंटी ‘आआहह … बस कर..’ बोले जा रही थीं

मैं आंटी के चूचे पकड़ कर मोटी आंटी की चुत चुदाई करता रहा.

फिर मैं झड़ने वाला हो गया था. मैं पूरी स्पीड से आंटी को चोद रहा था.

आंटी अब तक दो बार झड़ चुकी थीं. कुछ मिनट बाद आंटी की चुत में से पछ पछ की मस्त आवाज आने लगी थी.

मैं आंटी को और भी तेजी से चोदने लगा था. फिर मैंने झटके से लंड आंटी की चुत से निकाला और आंटी के मुँह में लगा दिया. आंटी लंड चूसने लगीं और मेरा रस अपने मुँह में लेकर उसे मेरे लंड पर ही लगाने लगीं.

फिर मैंने आंटी को किस किया और अपनी सांसें नियंत्रित करने लगा.

आंटी बोलीं- राज तूने तो आज मेरा दिल खुश कर दिया.
मैं बोला- आंटी सच में मजा आया?
आंटी- हां राज बहुत मजा आया.

मैं आंटी के ऊपर ही चिपक कर लेट गया. दस मिनट बाद आंटी ने मुझे उठाया और बोलीं- अब तू जा … मीनू आने वाली होगी.

मैंने अपने निक्कर चड्डी और टी-शर्ट को पहन लिया. आंटी ने भी नाइटी डाल ली और हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे.

कुछ देर बाद मैं अपने रूम में आ गया और सो गया.

दूसरे दिन आंटी ने मुझे 4:00 बजे शाम को फोन किया कि आज तू खाना मत बनाना … मैं खाना तेरे रूम में ले आऊंगी. फिर आज रात तू मेरे कमरे में आ जाना … मैं दरवाजा खुला रखूंगी.

मैंने हां कर दिया. शाम को 7 बजे मैं टीवी देख रहा था.
आंटी खाना लेकर आ गईं और बोलीं- खाना खाकर कमरे में आ जाना.
मैंने- कितने बजे?
आंटी- नौ बजे के करीब आ जाना.

आंटी ने मुझे 500 रूपए दिए थे और कुछ सामान लाने के लिए कहा. आंटी ने कंडोम और वियाग्रा की गोली लाने के लिए पैसे दिए थे.

बाजार से सामान लाकर मैंने खाना ख़ाया और आंटी के पास चला गया. एक कमरे में मीनू होम वर्क कर रही थी और आंटी दूसरे रूम में टीवी देख रही थीं.

मैं कमरे में अन्दर गया, तो आंटी ने टीवी बंद कर दिया और मीनू को आवाज लगा दी.
मीनू ने उधर से ही आवाज लगाई- क्या है मॉम?
मैं डर गया.

आंटी बोलीं- बेटा मैं सो रही हूँ … तू दूध पी कर सो जाना.
मीनू बोली- मॉम आज जल्दी ही सो रही हो … तबियत तो ठीक है न आपकी?
आंटी बोलीं- हां बेटा.
मीनू बोली- ओके गुड नाइट मॉम.
फिर आंटी मुझसे बोलीं- हां … राज शुरू हो जा मेरे लाड़ले.

मैं शुरू हो गया. हम दोनों ने वियाग्रा की एक एक गोली ले ली और फ़ोरप्ले करने लगे. फिर मोटी आंटी की धकापेल चुदाई शुरू हो गई.

मैंने पूरी रात में 5 बार मोटी आंटी की चुदाई की. रात को थक कर मैं आंटी के साथ ही सो गया. सुबह आंटी को नंगी देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

मैं उनकी चुत में उंगली की, तो आंटी जाग गईं.

वो बोलीं- अब नहीं राज … शाम को कर लेना.
मैं बोला- नहीं मुझे अभी ही चोदना है.

तो आंटी ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और चूमने लगीं. मैं भी उन्हें क़िस करने लगा.

मैंने आंटी की चुत में लंड पीछे से डाल दिया और ब्लू फिल्म जैसी एक पोज़िशन में चोदने लगा.

दस मिनट में आंटी दो बार झड़ गई थीं. फिर कुछ देर बाद मैं भी झड़ गया. आंटी को चोद कर मैं अपने रूम में आ गया.

मैं अभी भी मोटी आंटी की चुदाई करता हूँ. और ये बात मीनू को पता चल गई थी. उसने एक दिन हम दोनों को चुदाई करते हुए देख लिया था.

मैंने मीनू को भी दोस्त बना लिया. अपने रूम में लाकर एक दिन मैंने मीनू को भी खूब चोदा था.
मीनू की चुदाई की कहानी मैं अगली बार लिखूंगा.

मुझे मोटी आंटी की चुदाई कहानी के बारे में अपने मेल जरूर भेजना.

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